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कृषि  में पहली बार ड्रोन के  प्रयोग को सरकारी अनुमति

गन्ने की खेती करने वाले किसान भाई को फील्ड परीक्षणों के लिए ड्रोन उपयोग की अनुमति

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किसान भाइयों आप तक हम कृषि वाणी लगातार कृषि से जुडी सभी मुख्य समाचार व् जानकारियां उपलब्ध करने का प्रयास कर रहे हैं अतः ऐसी ही सबसे मुख्य समाचार जो की गन्ने की खेती करने वाले किसान भाई हैं उनके लिए है की भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान को फील्ड परीक्षणों के लिए ड्रोन उपयोग की अनुमति नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है जिससे अब किसान भाई गन्ने की फसल की देख भाल व् दवाइयों का स्प्रे अच्छे से कर सकेंगे पर इस ड्रोन के प्रयोग की अनुमति मिलने के साथ साथ इसके लिए कड़े नियम भी बनाये गए हैं जिससे इसके अनधिकृत प्रयोग न हो नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने गन्ने की फसल में कीट और बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन छिड़काव समाधान का मूल्यांकन करने के परीक्षण हेतु आईसीएआर- भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर), लखनऊ, उत्तर प्रदेश को सशर्त छूट प्रदान की है ।

यह छूट अनुमति पत्र जारी करने की तारीख से 30 नवंबर 2021 तक या डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म के चालू होने तक मान्य है, इनमें जो भी पहले हो। यह छूट तभी मान्य होगी जब नीचे बताई गई सभी शर्तों और सीमाओं का कड़ाई से पालन किया जाएगा। किसी भी शर्त के उल्लंघन के मामले में, यह छूट निष्प्रभावी हो जाएगी और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा कार्रवाई शुरू की जा सकती है।

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आईसीएआर – भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) के लिए रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स (आरपीएएस) का उपयोग करने की शर्ते व सीमाएं:

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) को जारी सीएआर खण्ड 3, सीरीज़ एक्स, भाग एक के पैराग्राफ 5.2 (बी), 5 3, 6 1,6.2.2(ई), 6.2.3 (बी), 6.3, 7, 8.4, 9.2, 9.3, 11.1 [सी डी], 11.2 [ए, डी], 12.4, 12.5, 12.18, 12.19 से मिली छूट नागरिक उड्डयन मंत्रालय के एयरक्राफ्ट नियम, 1937 के नियम 15ए से प्राप्त छूट के अधीन है।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) दूर से संचालित विमान प्रणाली (आरपीएएस) के संचालन से पहले (क) स्थानीय प्रशासन (ख) रक्षा मंत्रालय (ग) गृह मंत्रालय (घ) भारतीय वायु सेना से एयर डिफेंस क्लीयरेंस (ङ) हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) और (च) कृषि मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करेगा।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) द्वारा अनुबंधित (महिंद्रा एंड महिंद्रा के माध्यम से) मेसर्स जनरल एरोनॉटिक्स केवल उन्हीं रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) मॉडल्स को संचालित करेगा जो दिनांक 8 जनवरी 2021 को जारी अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया क्रमांक GA/DGCA/CA0202 द्वारा उल्लिखित है। स्वीकृत की गई मानक संचालन प्रक्रिया में वर्णित मान्य डीएएन (ड्रोन एक्नॉलेजमेंट नंबर) नंबर प्राप्त आरपीएएस का संचालन निर्दिष्ट क्षेत्र में उपरोक्त अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अंतर्गत किया जाएगा। अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रियाओं में कोई भी परिवर्तन, उदाहरण के लिए प्रक्रिया में परिवर्तन अथवा आरपीएएस अथवा इस्तेमाल संबंधी या कार्मिक संबंधी या अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में निर्दिष्ट क्षेत्र, को एसओपी में सम्मिलित किया जाएगा एवं स्वीकृति के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के पास भेजा जाएगा।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) यह सुनिश्चित करेगा कि अनुमोदित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार केवल प्रशिक्षित अनुभवी सदाशयी कर्मी ही आरपीएएस का संचालन करें। इसके बाद रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि रिमोट फ्लाइट क्रू को अनुमोदित एफटीओ/आरपीटीओ के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाए।

● रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस कार्य करने की स्थिति में हो और अनुमोदित एसओपी में उल्लिखित तरीक़े से बनाए रखा जाए और उपकरणों की खराबी/ भटकाव के कारण होने वाली किसी भी घटना के लिए जिम्मेदार हो।

● आरपीएएस ऑपरेटर प्रत्येक आरपीए उड़ान के रिकॉर्ड को बनाए रखेगा और मांग पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को इस तरह के रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगा।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) विमान नियम, 1937 के नियम 13 के तहत विनियम एवं सूचना निदेशालय, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से हवाई फोटोग्राफी के संबंध में आवश्यक अनुमति (यदि आवश्यक हो) को लेगा। यदि रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) के माध्यम से ली गई तस्वीरों/ वीडियो-ग्राफ का उपयोग केवल आईआईएसआर द्वारा किया जाएगा। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) आरपीए के माध्यम से एकत्र किए गए आरपीए और डेटा की सुरक्षित और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होगा। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) भू-स्थानिक डेटा और नक्शों समेत (यदि लागू हो) भू-स्थानिक डेटा सेवाओं के अधिग्रहण और उत्पादन के लिए डीएसटी दिशानिर्देशों का पालन करेगा।

● रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म को चालू होते ही आरपीएएस को एनपीएनटी अनुरूप [क्यूसीआई द्वारा प्रमाणित] बना दिया जाए।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) यह सुनिश्चित करेगा कि इस उद्देश्य के लिए मेसर्स जनरल एयरोनॉटिक्स द्वारा संचालित प्रत्येक आरपीएएस में ओएएन, डीएएन और मॉडल नंबर के साथ अग्नि प्रतिरोधी पहचान प्लेट अंकित हो।

● आरपीएएस का संचालन दिन के संचालन (सूर्योदय से सूर्यास्त तक) तक, अनियंत्रित हवाई क्षेत्र में दृश्य रेखा (वीएलओएस) के भीतर और एजीएल से अधिकतम 20 फ़ीट की ऊंचाई तक, सीमित रहेगा।

● आरपीएएस सीएआर के प्रावधानों के अनुसार हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में संचालित नहीं किया जाएगा । यदि हवाई अड्डे के पास परिचालन की आवश्यकता हो तो भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) और/या संबंधित हवाई अड्डे/हवाई क्षेत्र ऑपरेटर से रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) के संचालन के समय और क्षेत्र के संबंध में पहले से अनुमोदन लिया जाएगा।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) यह सुनिश्चित करेगा कि उनके 10 आइटम्स को आरपीए द्वारा रोशनी रहते हुए गिरा दिया जाए। भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) यह सुनिश्चित करेगा कि अनुमति प्रदान कीटनाशकों को छोड़कर किसी भी परिस्थिति में रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) में खतरनाक सामग्री या चर पेलोड नहीं ले जाया जाए।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) यह सुनिश्चित करेगा कि आरपीएएस संचालन के दौरान ऑपरेशन क्षेत्र (ग्राउंड स्टेशन सहित) के भीतर अनाधिकृत व्यक्तियों को अनुमति नहीं दी जाए और एसओपी/आरपीए उड़ान मैनुअल में निर्दिष्ट सुरक्षा शर्तों (विशेष रूप से हवा की स्थिति) का पालन किया जाए।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) सार्वजनिक, संपत्ति, ऑपरेटर आदि की सुरक्षा, सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करेगा। इसके अलावा किसी भी स्थिति में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा।

● ऑपरेटर यह सुनिश्चित करेगा कि रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) किसी भी व्यक्ति या संपत्ति के लिए खतरा पैदा न करे। उपकरण के साथ शारीरिक संपर्क के कारण किसी भी व्यक्ति को किसी भी चोट के मामले में, ऑपरेटर और भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) मेडिको-कानूनी मुद्दों के लिए जिम्मेदार होंगे। आईआईएसआर यह सुनिश्चित करेगा कि बीमा पॉलिसी आरपीएएस के संचालन के दौरान हुई दुर्घटना के परिणामस्वरूप तीसरे पक्ष को किसी भी नुकसान को कवर करने के लिए वैध और पर्याप्त स्तर की बनी रहे।

● ऑपरेटर संबंधित मंत्रालयों/ प्राधिकरणों की मंजूरी के बिना सीएआर धारा 3, सीरीज़ एक्स, भाग 1 के पैरा 13.1 में निर्दिष्ट नो-फ्लाई जोन में रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) का संचालन नहीं करेगा।

● भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान (आईआईएसआर) और मेसर्स जनरल एयरोनॉटिक्स इन कार्यों के कारण उत्पन्न होने वाले किसी भी कानूनी मामले या किसी अन्य मुद्दे से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को क्षतिपूर्ति करेंगे।

● यह पत्र अन्य सरकारी एजेंसियों या अन्य उप-कानूनों द्वारा बनाए गए दूर से संचालित विमान प्रणाली पर बनाए गए अन्य मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को ओवरराइड नहीं करेगा।

● प्रचालनों के किसी भी चरण के दौरान/दुर्घटना के मामले में ऑपरेटर ऐसे आयोजन के 48 घंटे के भीतर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के हवाई सुरक्षा निदेशालय को पूरे विवरण के साथ एक रिपोर्ट बनाएगा।

● ऑपरेटर सुरक्षा निरीक्षण करने के लिए ऑपरेशन (ऑपरेशन के स्थान और तिथि) की अनुसूची को डीजीसीए (जब भी उपलब्ध हो) को सूचित करेगा। इस संबंध में आईआईएसआर यह सुनिश्चित करेगा कि इस कार्य को करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) तक पहुंच प्रदान की गई है।

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