किसानों और कृषि क्षेत्रों के लिए जरूरी दिशा निर्देश

किसान भाइयों अभी कई कृषि कार्य जो मौसम के अनुसार कर रहे हैं वो तो सही है पर आप सभी किसान भाई इन बातों का भी ख़ास ध्यान रखना जरूरी है जो मौसंम का अभी हाल  है कहीं  बारिश और कहीं कड़ी धुप हो रखी है ऐसे किसान भाई जरूर ध्यान दें        

अनाज/दलहन/तिलहन
1.कटी हुई फसल अच्छी तरह साफ और स्वच्छ होनी चाहिए एवं दानों में नमी की मात्रा 10 से 12% तक रहे
2.गेंहू फसल की कटाई कम्बईनेर हार्वेस्टर से करें और भूसा स्ट्रॉ रीपर द्वारा बनाना सुनिश्चित करें
3.चना फसल की कटाई मजदूरों द्वारा करें एवं कटाई के दौरान अलगाव दूरी बनाये रखें
4.वृहद समूह में कृषि कार्य करने से बचें
5.गेंहू फ़सल की कटाई पश्चात रोटावेटर से खेत की जुताई करें एवं खेतों में आग ना लगाएं
6.बीज उत्पादन के लिए फसल की कटाई अलग से करें एवं कटाई के पश्चात बीजों को सफाई ब सुखाकर भंडारित करे

     सब्जी फसले
1.लहसुन फसल की कटाई का कार्य सुनिश्चित करें एवं सुचारू रूप से भंडारित करें
2.प्याज, बैगन, टमाटर, मिर्ची, कद्दूवर्गीय एवं अन्य सब्जियों में 10 से 12 दिन के अंतराल पर सिंचाई कार्य करें
3.सब्जियों की कटाई ,पैकेजिंग और परिवहन उचित तरिके से करें(हाथों में दस्ताने और मुँह पर
मास्क अवश्य लगाएं)
4.कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जारी की गई सलाह के अनुसार पौध संरक्षण का कार्य करें एवं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के साथ नियमित संपर्क में रहें
   फल वृक्ष
1.आम के बगीचे में सिंचाई करना सुनिश्चित करें एवं अनुसंशित मात्रा के आधार पर खाद ब उर्वरकों का उपयोग करें
2.अमरूद बग़ीचे में कटाई छटाई का कार्य करें
3.फल वृक्षों में बोर्डो पेस्टिंग करना सुनिश्चित करें
4.आम के बगीचे में फल मख्खी ट्रैप 10 नग प्रति हेक्टेयर की दर से उपयोग करें
5.नींबू फ़सल में सिट्रस कैंकर रोग से बचाव हेतु ब्लाइटोक्स दवा 2.5 ml प्रति लीटर पानी मे घोल बनाकर छिड़काव करें

      पशुपालन
1.कोविड -19 जूनोटिक बीमारी नहीं है यह पशुओं से इंसानों में नहीं  फैलता
2.पशुओं में खुरपका मुंहपका बीमारी से बचाब हेतु टिकाकरण करना सुनिश्चित करें
3.हरा चारा फसल (मक्का ओर बाजरा) की बुवाई करना सुनिश्चित करें
4.पशुओं को छायादार स्थानों पर रखें एवं स्वच्छ एवं ताजा पानी पिलाये
       मुर्गीपालन
1.नये झुंड की शुरूआत करने से बचें और उचित स्वछता उपयो को बनाए रखते हुए मौजूदा झुंड को बेचने की कोशिश करें
2.जब स्थिति समान्य हो जाये तब मुर्गीपालन हमेशा की तरह शुरू किया जा सकता