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श्रमिक वर्ग के लिए देय महंगाई भत्ते में वृद्धि होगी

औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक

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श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन सम्पूर्ण देश में फैले हुए 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक का संकलन 88 औद्योगिक केंद्रों एवं अखिल भारत के लिए किया जाता है और आगामी महीने के अंतिम कार्यदिवस पर जारी किया जाता है। मार्च, 2021 के लिए सूचकांक इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जारी किया जा रहा है।

मार्च, 2021 का अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 0.6 अंक बढ़कर 119.6 (एक सौ उन्नीस दशमलव छः) अंकों के स्तर पर संकलित हुआ। सूचकांक में पिछले माह की तुलना में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि रही जबकि एक वर्ष पूर्व इन्हीं दो महीनों के बीच 0.61 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी।

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सूचकांक में दर्ज वृद्धि में अधिकतम योगदान ईंधन एवं प्रकाश समूह का रहा जिसने कुल बदलाव को 0.40 बिन्दु प्रतिशतता से प्रभावित किया। इस वृद्धि को विविध समूह ने 0.15 बिन्दु प्रतिशतता से प्रभावित कर संपूरित किया। मदों में, कुकिंग गैस, पेट्रोल, पोल्ट्री चिकन, खाने का तेल, सेब, संतरा, चाय पत्ती, तैयार एवं परिष्कृत खाद्य पदार्थ, इत्यादि सूचकांक को बढ़ाने में सहायक रहे। इसके विपरित मुख्यतः सब्जियों ने सूचकांक में दर्ज वृद्धि को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

केंद्र-स्तर पर जमशेदपुर एवं संगरूर केंद्रों के सूचकांक में अधिकतम 3.0 अंकों की वृद्धि रही। अन्य 4 केंद्रों में 2 से 2.9 अंक के बीच वृद्धि दर्ज की गई जिसके पश्चात 22 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक के बीच तथा 45 केंद्रों में 0 से 0.9 अंक के बीच वृद्धि रही। इसके विपरीत, डूम-डूमा तिनसुकिया में अधिकतम 3.2 अंकों की कमी दर्ज की गई। अन्य 2 केंद्रों में 2 से 2.9 अंक के बीच, दूसरे अन्य 2 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक तथा शेष 10 केंद्रों में 0 से 0.9 अंक की कमी पाई गई।

मार्च, 2021 के लिए मुद्रास्फीति दर पिछले महीने के 4.48 प्रतिशत तथा गत वर्ष के इसी माह के 5.50 प्रतिशत की तुलना में 5.64 प्रतिशत रही। खाद्य-स्फीति दर पिछले माह के 4.64 प्रतिशत एवं एक वर्ष पूर्व इसी माह के 6.67 प्रतिशत की तुलना में 5.36 प्रतिशत रही।

 

सी.पी.आई.- आई.डब्ल्यू. पर आधारित मुद्रास्फीति दर (सामान्य एवं खाद्य)

 

अखिल-भारत समूह-वार सूचकांक: फ़रवरी एवं मार्च, 2021
क्र. सं. समूह फ़रवरी, 2021 मार्च, 2021
I खाद्य एवं पेय 117.9 118.0
II पान, सुपारी, तंबाकू एवं नशीले पदार्थ

135.8

136.5
III कपड़े एवं जूते 118.4 118.7
IV आवास 115.2 115.2
V ईंधन एवं प्रकाश 142.0 149.2
VI विविध 117.6 118.1
  सामान्य सूचकांक 119.0 119.6

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने नवीनतम सूचकांक के बारे में कहा कि सूचकांक में बढ़ोतरी के चलते श्रमिक वर्ग के लिए देय महंगाई भत्ते में वृद्धि होगी, जिससे परिणामस्वरूप इनकी मजदूरी में बढ़ोतरी होगी। मार्च, 2021 के दौरान मुद्रास्फीति में वृद्धि का मुख्य कारण पेट्रोलियम उत्पादों और खाद्य तेलों की कीमतों में वृद्धि रहा है।

श्रम ब्यूरो के महानिदेशक  डीपीएस नेगी ने कहा, “मार्च, 2021 के दौरान मुद्रास्फीति में वृद्धि अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी विभिन्न मूल्य सूचकांकों के संबंध में एक समान रूप से देखी गई है।”

नेगी ने आगे इस बात को विस्तार से बताया कि मुद्रास्फीति में वृद्धि का कारण ईंधन एवं बिजली, विविध और खाद्य एवं पेय पदार्थों जैसे; रसोई गैस, पेट्रोल, पोल्ट्री चिकन, खाद्य तेल, सेब, चाय पत्ती, तैयार एवं परिष्कृत खाद्य पदार्थ की कीमतों में बढ़ोतरी रहा है।

अप्रैल, 2021 के लिए सीपीआई-आईडब्ल्यू की अगली कड़ी मगलवार 31 मई, 2021 को जारी किया जाएगा। यह कार्यालय की वेबसाइट   www.labourbureaunew.gov.in पर भी उपलब्ध रहेगा।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का एक संलग्न कार्यालय श्रम ब्यूरो ने औद्योगिक श्रमिकों को लेकर मार्च, 2021 के लिए आधार: 2016=100 पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जारी किया। मार्च, 2021 के लिए अखिल भारत सूचकांक 119.6 है। इससे पहले फरवरी, 2021 में यह आंकड़ा 119.0 था। वहीं, मार्च महीने के दौरान मुद्रास्फीति दर बढ़कर 5.64 फीसदी हो गई। फरवरी में यह आंकड़ा 4.48 फीसदी था।

श्रम ब्यूरो प्रत्येक महीने सीपीआई-आईडब्ल्यू को संकलित और जारी करता है। इसका मुख्य रूप से संगठित क्षेत्र में सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगियों और श्रमिकों को देय महंगाई भत्ता (डीए) को मापने के लिए उपयोग किया जाता है।

 

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