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पूर्वोत्तर भारतीय किसानों के लिए एक विशेष आह्वान

पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों में कृषि उत्पादकता बढ़ाई जाएगी

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जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने अपने मिशन कार्यक्रम- बायोटेक-एग्रीकल्चर इनोवेशन साइंस एप्लीकेशन नेटवर्क (बायोटेक-किसान)” के एक हिस्से के रूप में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक विशेष आह्वान जारी किया है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के किसानों की स्थानीय समस्याओं को समझ कर उनका वैज्ञानिक रूप से समाधान करना है।

बायोटेक-किसान कृषि नवाचार के लिए 2017 में शुरू की गई एक वैज्ञानिक-किसान साझेदारी योजना है, जिसका उद्देश्य खेतों के स्तर पर लागू किए जाने वाले नवीन समाधानों और प्रौद्योगिकियों का पता लगाने के लिए विज्ञान प्रयोगशालाओं को किसानों से जोड़ना है। इस योजना के तहत, अब तक देश के सभी 15 कृषि जलवायु क्षेत्रों और 110 आकांक्षी जिलों को कवर करते हुए 146 बायोटेक-किसान हब स्थापित किए जा चुके हैं। इस योजना से अब तक दो लाख से अधिक किसानों को उनके कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ ही आय में वृद्धि होने का लाभ मिला है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 200 से अधिक उद्यमिताएं भी विकसित की गई हैं।

 

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वर्तमान आह्वान विशेष रूप से देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्रित है क्योंकि यह क्षेत्र मुख्य रूप से कृषि प्रधान है और कृषि कार्यों में इस क्षेत्र की 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि और संबद्ध क्षेत्र में आजीविका के लिए लगी हुई है। हालांकि यह क्षेत्र देश के खाद्यान्न का केवल 1.5 प्रतिशत उत्पादन करता है और घरेलू खपत के लिए भी खाद्यान्न का शुद्ध आयातक बना हुआ है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थान विशिष्ट फसलों, बागवानी और वृक्षारोपण फसलों, मत्स्य पालन और पशुधन उत्पादन को बढ़ावा देकर कृषि कार्यों में संलग्न आबादी की आय बढ़ाने की अपार क्षमता और सम्भावनाएं हैं।

बायोटेक-किसान (केआईएसएएन) को पूर्वोत्तर क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों, विशेष रूप से क्षेत्र के महिला किसानों के साथ उपलब्ध नवीन कृषि प्रौद्योगिकियों को खेत से जोड़ने के उद्देश्य से लागू किया जाएगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र में बनाए गए हब देश भर के शीर्ष वैज्ञानिक संस्थानों के साथ-साथ राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (एसएयू) / कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) / मौजूदा राज्य कृषि विस्तार सेवाओं / प्रणाली और पूर्वोत्तर क्षेत्र में अन्य किसान संगठनों के साथ प्रौद्योगिकियों के प्रदर्शन और किसानों को तदनुसार प्रशिक्षण देने के लिए सहयोग करेंगे।

आह्वान के बारे में विवरण यहां उपलब्ध है: http://dbtindia.gov.in/latest-announcement/special-call-biotech-kisan-north-east-region-india

 

अधिक जानकारी के लिए: जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार  के संचार प्रकोष्ठ से संपर्क करें

@डीबीटीइंडिया

www.dbtindia.gov.in

 

जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के बारे में:

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत, जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, पशु विज्ञान, पर्यावरण और उद्योग में इसके विकास और अनुप्रयोग के माध्यम से भारत में जैव प्रौद्योगिकी के विकास को बढ़ाने के साथ ही उसमें सुधार के लिए काम करता है।

 

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