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अनाज भण्डारण कि क्षमता 2024-25 तक दुगनी करने कि जरूरत:गोयल

अनाज भंडारण कि क्षमता को दुगना किया जाना होगा

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 पीयूष गोयल ने केंद्रीय भण्डारण निगम के आधुनिकीकरण और परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजनाओं की समीक्षा की और कहा कि देश में हो रहे अच्छे उत्पादन को अच्छे से संगृहीत करने कि भी आवश्यकता है जिससे अच्छे से उसका भण्डारण हो सके आने वाले समय में बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए अनाज भंडारण कि क्षमता को दुगना किया जाना होगा क्योँकि देश में सबसे बड़ी चुनौती भण्डारण कि है जिससे अब बढ़ाने कि जरूरत है इसके लिए केंद्रीय भण्डारण निगम को 2023 के अंत तक अपनी भण्डारण क्षमता दोगुनी करनी चाहिए सीडब्ल्यूसी को आधुनिक भूमिगत कमरे का निर्माण करना चाहिए, जिससे खाद्यान्नों के 100 फीसदी स्टॉक को अधिक समय तक संग्रहित किया जा सके केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सीडब्ल्यूसी को 2024-25 तक अपने सभी 423 केंद्रीय भण्डारगृहों के उन्नयन के लिए मास्टरप्लान तैयार करने, बुनियादी सार्वजनिक/कर्मचारी सुविधाएं एवं अतिरिक्त बुनियादी ढांचे को तैयार करने का सुझाव दिया

इस समीक्षा के दौरान मंत्री गोयल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी को 2023 के अंत तक अपनी भण्डारण क्षमता दोगुनी करनी चाहिए और वित्तीय वर्ष 2024-25 तक 10,000 करोड़ रुपये का कारोबार करना चाहिए। वर्तमान में सीडब्ल्यूसी की भण्डारण क्षमता 125 एलएमटी है।

इस समीक्षा बैठक में गोयल ने कहा कि भण्डारगृहों के टैरिफ रेशनलाइजेशन और निर्माण का काम बिना किसी नौकरशाही हस्तक्षेप के सीडब्ल्यूसी द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि संचालन के लिए निर्णय लेने की अधिकतम शक्तियां सीडब्ल्यूसी को सौंप दी जानी चाहिए। वहीं मंत्री ने सीडब्ल्यूसी को प्राथमिकता के आधार पर देश में शीत भण्डारण श्रृंखलाओं के निर्माण पर भी ध्यान देने के लिए कहा। इसके अलावा उन्होंने सीडब्ल्यूसी को निर्देश दिया कि वह अपने सभी गोदामों में नियमित रूप से आग, भूकंप और दुर्घटनाओं के लिए सुरक्षा लेखा परीक्षण करें।

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इसके आगे गोयल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी को पूरे देश में गेहूं और चावल के भण्डारण के लिए भूमिगत कमरों का निर्माण करना चाहिए, जिससे देश में अधिक से अधिक अनाजों का अधिक समय तक भण्डारण किया जा सके।वहीं गोयल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी को नैफेड के साथ मिलकर प्याज, आलू और टमाटर के भण्डारण के लिए अधिक शीत भण्डारण श्रृंखलाओं का निर्माण करना चाहिए।

मंत्री ने आगे सुझाव दिया कि सीडब्ल्यूसी को अपने सभी 423 भण्डारगृहों के लिए एक मास्टरप्लान तैयार करना चाहिए। वहीं सीडब्ल्यूसी को कृषि उपज के लिए भण्डारगृह/भण्डारण के बीच अंतर का विश्लेषण करना चाहिए और इसके अनुरूप वास्तुकारों एवं विशेषज्ञों की मदद से योजना तैयार करना चाहिए।

मंत्री ने आगे कहा कि सीडब्ल्यूसी को सभी हितधारकों यानी कर्मचारियों, ग्राहकों, कर्मियों और ट्रक चालकों की देखभाल के लिए मिशन मोड में काम करना चाहिए। सीडब्ल्यूसी भण्डारगृहों में साफ एवं स्वच्छ वातावरण में आधुनिक एवं सहज सुविधाएं जैसे; पुरुष एवं महिला कर्मियों, ग्राहकों, वाहन चालकों और दिव्यांगों के लिए शौचालय, पर्याप्त प्रतीक्षालय/आरामगृह, वर्कर-शेड, पेयजल की सुविधाएं और अन्य बुनियादी सुविधाएं जरूर होनी चाहिए।

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